Expert Healthcare & Personalised Care
मेरा दृष्टिकोण

यौन समस्याएँ केवल
यौन स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं

यौन कार्यक्षमता केवल यौन अंगों पर निर्भर नहीं करती। इस पर शरीर, मन, रिश्तों, जीवनशैली, तनाव, दवाओं और जीवन की परिस्थितियों का भी प्रभाव पड़ता है।

इसीलिए मैं यौन समस्याओं को समझने के लिए बायोसाइकोसोशल दृष्टिकोण अपनाता हूँ।

जैविक

शरीर

यौन कार्यक्षमता में शारीरिक स्वास्थ्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। समस्या के अनुसार मधुमेह, हार्मोनल बदलाव, हृदय स्वास्थ्य, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी स्थितियाँ, प्रोस्टेट या मूत्र संबंधी समस्याएँ, स्त्री रोग संबंधी स्थितियाँ, दवाओं के प्रभाव, नींद और सामान्य स्वास्थ्य पर विचार करना आवश्यक हो सकता है।

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मनोवैज्ञानिक

मन

यौन स्वास्थ्य का मन से गहरा संबंध है। चिंता, अवसाद, तनाव, असफलता का डर, आत्मसम्मान में कमी, शरीर की छवि को लेकर चिंताएँ, पिछले अनुभव और यौन प्रदर्शन का दबाव, ये सभी यौन कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

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मेरा परामर्श कैसे शुरू होता है

एक सहज और
सम्मानपूर्ण शुरुआत

डॉक्टर से यौन समस्याओं के बारे में बात करना अपने आप में कठिन हो सकता है। इसीलिए मैं परामर्श की शुरुआत तुरंत कई व्यक्तिगत सवाल पूछकर नहीं करता। मेरी पहली प्राथमिकता आपको सहज महसूस कराना, विश्वास कायम करना और यह समझना है कि आप मेरे पास किस समस्या के कारण आए हैं। जब आप पर्याप्त सहज महसूस करने लगते हैं, तभी मैं धीरे-धीरे आपकी यौन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर चर्चा शुरू करता हूँ।

पूछताछ जैसा माहौल नहीं

आपको कभी भी पूछताछ जैसा महसूस नहीं होगा। मैं सम्मान और संवेदनशीलता के साथ आपकी बात सुनता हूँ।

आपकी निजता महत्त्वपूर्ण है

यदि आप किसी परिजन या मित्र के साथ आते हैं, तो परामर्श के निजी हिस्से के दौरान मैं सामान्यतः उनसे बाहर प्रतीक्षा करने का अनुरोध करता हूँ, जब तक कि कोई विशेष कारण न हो।

पूर्ण गोपनीयता

आपकी जानकारी पूरी गोपनीयता के साथ रखी जाती है। चिकित्सकीय रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जाते हैं, जिन पर पासवर्ड सुरक्षा और उचित एक्सेस नियंत्रण लागू होते हैं।

निजी परामर्श के दौरान डॉक्टर मरीज की चिंताओं पर चर्चा करते हुए
खुलकर बात करने के लिए
एक सुरक्षित माहौल

व्यक्ति को समग्र रूप से समझना

समस्या को समझने के बाद, मैं केवल यौन लक्षणों तक सीमित नहीं रहता। मैं इन पहलुओं को समझने का प्रयास करता हूँ:

  • शारीरिक रूप से क्या हो रहा है?
  • मनोवैज्ञानिक रूप से क्या स्थिति है?
  • रिश्ते में क्या चल रहा है?
  • हाल ही में क्या बदलाव हुए हैं?
  • समस्या को बनाए रखने वाले संभावित कारण क्या हैं?
  • व्यक्ति या दंपति वास्तव में क्या हासिल करना चाहते हैं?
समग्र दृष्टिकोण: शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, रिश्ते और जीवनशैली

इन सवालों के जवाबों से यह तय करने में मदद मिलती है कि सबसे उपयुक्त तरीका क्या होगा। इसमें चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यवहार संबंधी रणनीतियाँ, दंपति परामर्श, जीवनशैली में बदलाव, किसी अन्य विशेषज्ञ के पास भेजना या इन तरीकों का संयोजन शामिल हो सकता है।

मेरा दृष्टिकोण

मेरा उद्देश्य

मेरा उद्देश्य केवल यौन समस्या के किसी लक्षण का उपचार करना नहीं है। मेरा प्रयास व्यक्ति या दंपति को समस्या समझने, अनावश्यक चिंता कम करने और अधिक स्वस्थ, संतुष्टिपूर्ण एवं सहज अंतरंग जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करना है।

मेरे विचार में, सेक्सुअल मेडिसिन की शुरुआत लक्षण से नहीं, बल्कि व्यक्ति को समझने से होती है।

डॉ. सतीश झूँथरा